अब यहां बदनाम होना चाहता हूं

मैं तुम्हारा नाम होना चाहता हूं

चल चलें सागर किनारे दूर तक

अब वहां उस पार जाना चाहता हूं।।

है तरंगों की हवा और खुशबुएं 

और लहरों की वो ज़ालिम मस्तियां

साथ जाने की तमन्ना पाले हुए 

मैं वहां अब डूब जाना चाहता हूं ।

मैं तुम्हारा नाम होना चाहता हूं//

#सत्येन्द्र तिवारी