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कहानी

कहानी गद्य की सबसे लोकप्रिय विधाओं में से एक मानी जाती है। यह मानव-सभ्यता के आरंभ से ही किसी न किसी रूप में विद्यमान रही है। भारतीय परंपरा में इसकी जड़ें ‘कथा’ में निहित हैं। आधुनिक संदर्भ में, इसका अभिप्राय अंग्रेजी के ‘शॉर्ट स्टोरी मूवमेंट’ से प्रभावित कहानी परंपरा से है। कहानी का मुख्य गुण यथार्थवादी दृष्टिकोण है, जो इसे और भी प्रासंगिक बनाता है। हिंदी में कहानी का आरंभ अनूदित कहानियों से हुआ, और ‘सरस्वती’ पत्रिका के प्रकाशन के साथ मौलिक कहानियों का प्रसार तेजी से बढ़ा। हिंदी कहानी के विकास में प्रेमचंद का अद्वितीय योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रेमचंदोत्तर युग में जैनेंद्र, यशपाल जैसे कहानीकारों ने नई परंपराओं का विस्तार किया। स्वतंत्रता के बाद, नए वादों, विमर्शों और आंदोलनों के साथ हिंदी कहानी और भी समृद्ध हुई, जिसने इसे एक नई दिशा दी।

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