उसके वजूद को छू रहा था वो

आखिर क्या चाहता था ?

आलिंगन...

 डूबने को आतुर था उसकी गोद मे

आखिर क्या चाहता था ?

आलिंगन..…

दर्द को दूर फेंक रहा था 

आखिर क्या चाहता था ?

आलिंगन....

गीत गुनगुना चाहता था 

और चाहता था आलिंगन...

सुकून भरी नींद और आलिंगन।।

#सत्येन्द्र