हड़प्पाई नगर अपने विशिष्ट नगर- नियोजन प्रणाली के लिए विष्यात है, यह विशिष्टता इनकी सर्वप्रमुख विशेषता थी जो तत्कालिन अन्य सभ्यताओं में श्रेष्ठ थी जैसा फि सर जॉन मार्शल ने कहा है कि हड़प्पा की जल निकास प्रणाती समकालिन सभ्यताओं में सर्वश्रेष्ठ थी।


नगरों की संरचना, प्रबंधन, मानवीय गतिविधियां, जल-निकास प्रणाली तथा परिवहन हड़प्पाईयों की वैज्ञानिकता को प्रदर्शित करता है, वहीं उच्चकोटि का श्रम प्रबंधन व दुर्गों का निर्माण, कृषि अधिशेष भण्डारण तथा जल निकास व्यक्था के लिए नालियां और मेनहोल्स का विकास उनकी प्रगतिशीलता को दर्शाती है। हड़प्पावासी अनुशासनप्रिय भी थे जिसके साहित्यक प्रमाणों में स्नानागारों से प्राप्त कमरी में उपास्थित कीलें जो पर्छ की उपास्थिति की ओर इशारा कर रहे हैं साथ ही साथ घरों के दरवाजे पीछे की ओर तुलना (मुख्य सड़‌क की ओर न खुलता) उनके अनुशासन को सार्थक रूप प्रदान करते हैं।

नालियों के ढकने तथा निरंतर सफाई आदि की व्यवसथा से प्रतीत होता है कि हड़प्पा का प्रशासन तन्त्र प्रगतिशील व अनुशासित था। हड़‌प्पई नगरों में पकी ईटों का प्रयोग एक महत्वपूर्ण कारक है क्योंकि मिस्र के नगरों में धूप से सुखाई ईंटों का ही प्रयोग मिलता है। हड़‌प्पाई नगरों में भवनों का सुव्यवस्थित तथा ग्रिड की तरह व्यवस्थित होना और सड़को का एक दूसरे को समकोण बनाते हुए काटना वैज्ञानिकता को सार्थक करता है। सबसे महत्वपूर्ण जैसा कि ऊपर चर्चा किया जा चुका है कि हड़प्पा की निकास-प्रणाली विलक्षण थी और शायद ही कोई दूसरी समकालिन सभ्यता ने स्वास्थ्य और स्वच्छता पर इतना ध्यान दिया हो जितना की हड़प्पा सभ्यता के लोगों ने दिया।


इस प्रकार निश्चित रूप से हड़प्पाई नगर नियोजन हइप्पावासियों की प्रगतिशीलता, वैज्ञानिकता तथा अनुशासन-प्रियता को समर्थन प्रदान करती है।